परियोजना प्रबंधन
परियोजना समरेखण जिसमें ठेकेदारों का चयन
कार्य प्रदान करना शामिल है।
परियोजना परीवीक्षण
गुणवत्ता
नियंत्रण
पुनसंरचना/ पुनसंगठन अथ्ययन
निर्माण निरीक्षण
ठेका प्रशासन या अनुबंधन प्रशासन
वित्त नियंत्रण
पहले से निर्धारित योग्यता के
आधार पर ठेका प्रदान करना :-
एच एस सी सी ठेकेदारों की एक विस्तृत सूची रखती है
तथा पहले से निर्धारित योग्यताओं को लागू कर अपने ग्राहकों को चयन एवं
नियुकित में सहायता करती है। इसमें स्थानीय/राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय
अधिनियमों नियमों, नियामकों के अनुसार अनुबंध प्रपत्र तैयार करना शामिल
है। .
परियोजना
परिवीक्षण एवं लागत नियंत्रण :-
परियोजना
लागू करने के दौरान परिवीक्षण सेवाएं ये
तय करती है कि परियोजना की उन्नति प्रमाणित योजना के अनुसार हो रही है यह
सफलता नेटवर्क तकनीक द्वारा प्राप्त होती है, जो विशिष्ट परियोजना सूचना
पध्दति गुणवत्ता आश्वासन (क्यू ए) सुरक्षा आश्वासन (एस ए), नीतियों तथा
प्रक्रिया पर आधारित होती है।
निर्माण परिवीक्षण :-
एच
एस सी सी
साध्यात्मकता द्वारा ग्राहकों की परियोजना चरणों के प्रबंधन में सहायता
करती है जिसमें प्रारूप, कार्यान्वयन तथा पूर्ण रूप में प्रदान करना
शामिल है। यह इस बात को सुनिश्चित करता है कि परियोजना के सभी कार्य जो कि
विभिन्न एजेन्सियों द्वारा किए जा रहे है (हर एक के अपने विशिष्ट
पैकेज/कार्य उनमें समन्वय रहे, जिससे परियोजना समय पर पूर्ण हो सके)।
विभिन्न अवस्था/चरणों के दौरान उठने वाली मुश्किलों को चिन्हिंत किया जाता
है तथा समय से उन्हें हल करने के लिए हाथ में लिया जाता है ताकि ज्यादा
लागत आने की दशा से बचा/नियंत्रित किया जा सके।
.
ठेका प्रबंधन (अनुबंध) :-
अनुबंध के
विवरण से परिचित होने के कारण तथा उसके नियम एवं शर्तों पर ठोक पकड़ होने
के कारण तथा साथ ही साथ अनुबंध के विशिष्ट तथा अविशिष्ट विवरण एच एस सी सी
को ठेके के अनुबंधों, विशिष्टताओं तथा कार्यक्रमों की अपेक्षाओं को आशा
अनुरूप पूरा करने में मदद करती है।
अनुभव-
अंर्तराष्ट्रीय :-
-
रोस बेले, मॉरिशियस में 100 बिस्तर वाला जवाहर लाल नेहरू अस्पताल
(परियोजना लागत-1000 लाख रूपये)।

- काठमांडू,
नेपाल में 200 बिस्तर वाला आपातकालीन एवं अभिघात केन्द्र (परियोजना
लागत-4500 लाख रूपये)।
राष्ट्रीय :-

- कलकत्ता, भारत में 300 बिस्तर वाला विशिष्ट सुविधा युक्त पीयरलेस होस्पीटेकस अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र (300 लाख रूपये)

- भोपाल, मध्यप्रदेश, भारत में 330 बिस्तर वाला विशिष्ट सुविधायुक्त भोपाल मैमोरियल अस्पताल ट्रस्ट (13000 लाख रूपये)

- ओ.एन.ई.सी.एफ.,
यू.एस.ए.आई.डी. तथा भारत सरकार का संयुक्त उद्यम नोएडा, उत्तर प्रदेश में
नेशनल इंस्टीटयूट आफ बायोलाजिकल्स (15000 लाख रूपये)
- राजनगर दिल्ली में एम्स का 250 बिस्तर वाला अभिघात केन्द्र (4700 लाख रूपये)
- नई दिल्ली, भारत में एम्स के भारतीय रोटरी कैंसर अस्पताल का विस्तार कार्यक्रम (1000 लाख रूपये)

- लाला राम स्वरूप तपेदिक एवं सम्बद्य रोग संस्थान का विस्तार कार्यक्रम (1600 लाख रूपये)
- मथुरा, उत्तर प्रदेश में इंडियन आयल करपोरेशन के लिए 50 बिस्तर वाला अस्पताल (1610 लाख रूपये)

- शिंलाग,
मेघालय, भारत में उत्तर - पूर्वी इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं
चिकित्सा विज्ञान संस्थान के लिए 500 बिस्तर वाला (800 तक विस्तार वाला)
विशिष्ट सुविधायुक्त अस्पताल तथा स्नातकोत्तर मेडिकल कालेज (41000 लाख
रूपये)
- अरूणाचल प्रदेश सरकार, भारत के लिए 500 बिस्तर वाला परामर्श अस्पताल भवन (9000 लाख रूपये)
- भारतीय
चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अंर्तगत तपेदिक अनुसंधान केन्द्र के लिए रोगी
सुरक्षा सुविधा तथा अनुसंधान केन्द्र (1200 लाख रूपये)

- बंगलौर, भारत में राष्ट्रीय मस्तिष्क स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान के लिए कान्फ्रेंस हाल (मंत्रणा कक्ष) सहित ऑडिटोरियम (1000 लाख रूपये)
- राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान के लिए 30 बिस्तर वाला अस्पताल एवं मेडिकल कालेज (2500 लाख रूपये)

- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के लिए नर्स आवास भवन (3400 लाख रूपये)
- स्वास्थ्य
एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली, भारत के लिए मोरारजी
देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, दिल्ली एवं गाजियाबाद के लिए योग केन्द्र
तथा प्रशासनिक ब्लाक (200 लाख रूपये)
- स्वास्थ्य
एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के मलेरिया अनुसंधान केन्द्र के
लिए आवास, छात्रावास, ऑडिटोरियम, पशु आवास, कार्यशाला तथा केन्टीन (1400
लाख रूपये)

- एम्स, नई दिल्ली के लिए दंत चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र (3200 लाख रूपये)
- स्वास्थ्य
एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के कोनूर, तमिलनाडु में भारतीय
पेस्टयूर संस्थान में वेकसीन उत्पादन के लिए नई सुविधाओं का निर्माण (1750
लाख रूपये)
- भारतीय
चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के लिए पुणे में माइक्रौबायॅल कन्टेनमेंट भवन
में उच्च कन्टेंनमेट प्रयोगशाला का निर्माण (1280 लाख रूपये)